गुरुवार, 3 अगस्त 2023

भगवान के घर देर है अंधेर नहीं

 जब भी हम अकेले होते हैं, अनायास ही हमें ईश्वर याद आ जाता है। डॉक्टर भी मरीज को बचाने के सारे प्रयास करने के बाद कहता है, सब कुछ ऊपर वाले के हाथ में है। यकीन कीजिए वह ऊपर वाला बहुत शक्तिशाली है और वह अपने बन्दों को खुश देखना चाहता है। उन्हें उनके कार्य का उचित परिणाम देना चाहता है। उसके दरबार में देर तो हो सकती है परंतु अंधेर नहीं है। बस वो इंतजार करता है कि आप पूरी तन्मयता से कार्य करें।


भगवान भी कर्म वीरों को चाहता है 




एक गांव में बाढ़ आई थी। लोग जान बचाने के लिए घर की छत पर चढ़े हुए थे। एक व्यक्ति छत पर चढ़कर लगातार भगवान को याद कर रहा था। वह धार्मिक प्रवृत्तियों में गहरी आस्था रखने वाला व्यक्ति था। पानी बढ़ता जा रहा था। इतने में वहां एक नाव आई, दूसरे लोगों ने उसे नाव में आने के लिए आवाज लगाई।

उसने जवाब दिया - नहीं, मेरी तो प्रभु रक्षा करेंगे और वह नाव आगे निकल गई। फिर थोड़ी देर बाद एक और नाव आई, फिर से लोगों ने उससे कहा - जल्दी आ जाओ, बहुत जल्दी पानी तुम्हारी छत तक पहुंच जाएगा। उसने जवाब दिया मुझे कुछ नहीं होगा, मुझे तो भगवान जरूर बचाएंगे। और पानी लगातार बढ़ रहा था, अब छत पर भी पानी पहुंचने लगा था। इतने में एक हेलीकॉप्टर आया, उसमें सवार एक व्यक्ति ने रस्सी फेंकी और उसे पकड़कर हेलीकॉप्टर में आने को कहा। उस व्यक्ति ने जवाब दिया - नहीं, मुझे तो भगवान बचाएंगे।

हेलीकॉप्टर से आवाज आई, कुछ ही मिनटों में तुम्हारी छत डूब जाएगी, जल्दी आओ। उसने मना कर दिया और उसके बाद कुछ ही देर में पानी में डूब कर मर गया। मरने के बाद ऊपर वाले के पास पहुंचा। वह बहुत क्रोधित था। उसने भगवान से कहा - मैंने जीवन भर आपकी भक्ति की और जब मैं मर रहा था, आप मुझे बचाने नहीं आए। भगवान ने कहा - मूर्ख भक्त, तेरे घर जो दो नाव और हेलीकॉप्टर आए थे, उन्हें मैंने ही भेजा था। अब तु खुद ही नहीं बचना चाहेगा तो तुझे कौन बचा सकता है। मैंने तुझे तीन बार बचने के रास्ते दिए, लेकिन तू स्वयं बचने के लिए कर्म नहीं करेगा तो मैं भी तेरी कोई मदद नहीं कर सकता।

जीवन में मुश्किलें और कठिनाइयां तो आएंगी ही, ऐसे वक्त में ऊपर वाले को याद करना लेकिन पूरी ताकत से कर्म करना क्योंकि ऊपर वाला भी कर्म वीरों को ही चाहता है। जो लोग अपनी असफलताओं और नाकामियों को भाग्य या भगवान की इच्छा के नाम पर छुपाते हैं, वे जीवन भर ऐसे ही रह जाएंगे क्योंकि ऊपर वाला भी कर्म वीरों की ही पुकार सुनता है।

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