जिंदगी बूमरैंग की तरह होती हैं, आपका किया हुआ व्यवहार घूमकर आपके पास आता है, आपके कहे हुए शब्द घूमकर आपके पास आते हैं, आप जो भी दुनिया को देते हैं वह आपके पास कई गुना होकर लौट आता है इसीलिए-"जैसा व्यवहार अपने साथ चाहते हैं वैसा ही व्यवहार दूसरों को दीजिए।"
क्योंकि आप जो बोएंगे, वही आप को काटना पड़ेगा। जो भी चीज आप सबसे ज्यादा चाहते हैं, उसे सबसे ज्यादा बांटिए। आप चाहते हैं दूसरी आप की मुश्किलों में मदद करें तो आप उनकी मुश्किलों में उनके साथ खड़े रहिए। यदि आप दूसरों को श्रेय देंगे तो आपको भी पलट कर श्रेय मिलेगा। यदि आपको सम्मान पसंद है तो दिल खोल कर दूसरों का सम्मान कीजिए। यदि आप दूसरों का तिरस्कार करेंगे तो बदले में आपको वही वापस मिलेगा। यदि आप दूसरों की दिल से प्रशंसा करेंगे तो बदले में वही पाएंगे जीवन का यह बेहद सरल सिद्धांत है परंतु फिर भी अधिकांश लोग इसे अमल में नहीं लाते।
जीतने का सबसे सरल रास्ता है कि आप दूसरों को उनकी जीत में मदद करें। यदि आप जीतना चाहते हैं तो दूसरों की सफलता के हितेषी बनिए। यदि आप प्रेम पाना चाहते हैं तो प्रेम बांटिए।
एक पिता अपने नन्हे पुत्र के साथ पर्वत पर चल रहा था। अचानक पुत्र गिर पड़ा, चोट लगने पर जोर से चिल्लाया - आह ह ह ह ह.... । अचानक वह चौक पड़ा क्योंकि पहाड़ से वैसी ही आवाज लौट कर आई - " आह ह ह ह ह "
आश्चर्यचकित हो उसने पूछा - कौन हो तुम
पहाड़ों से आवाज फिर से आई - कौन हो तुम
पुत्र चिल्लाया - मैं तुम्हारा दोस्त हूं।
आवाज लौटी - मैं तुम्हारा दोस्त हूं।
किसी को सामने आते ना देख कर पुत्र ने गुस्से में कहा - तुम कायर हो।
आवाज लौटी - तुम कायर हो।
पुत्र अचरज में पड़ गया, उसने पापा से पूछा - यह क्या हो रहा है।
पापा ने कहा - अब यहां सुनो।
वे जोर से चिल्लाए - तुम चैंपियन हो।
पहाड़ों से आवाज लौटी - तुम चैंपियन हो।
भी जोर से चिल्लाए - हम तुमसे प्यार करते हैं।
आवाज लौटी - हम तुमसे प्यार करते हैं।
बच्चा आश्चर्यचकित था, उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा है। उसके पिता ने तभी उसे जीवन का एक महत्वपूर्ण पाठ पढ़ाया - बेटा, लोग इसे इको कहते हैं लेकिन यही जिंदगी है। जिंदगी में जो भी आपको मिलता है, वह आपका ही कहा हुआ या किया हुआ होता है। जिंदगी सिर्फ आपके कार्यों का आईना होती है। यदि अपनी टीम से श्रेष्ठता की उम्मीद करते हैं तो खुद में श्रेष्ठता लाइए, यदि आप दूसरों से समय की पाबंदी की उम्मीद करते हैं, तो खुद पाबंद होइए, यदि आप दूसरों से प्यार चाहते हैं तो दिल खोलकर प्यार कीजिए। यह सिद्धांत जीवन के हर क्षेत्र में लागू होगा, जिंदगी वह हर चीज आपको लौट आएगी जो आपने दी है।
यदि आपकी बातों से आपके साथ के लोग थोड़ा बेहतर महसूस करते हैं, खुश होते हैं, प्रफुल्लित होते हैं, आपके साथ समय गुजार कर अच्छा महसूस करते हैं, तो वे आपके प्रशंसक बनेंगे और आवश्यकता होने पर आपके काम आएंगे।
दो मित्र एक रेगिस्तान में चल रहे थे। किसी बात पर दोनों में विवाद हो गया और एक ने दूसरे को थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ खाने वाले मित्र के दिल को बहुत चोट पहुंची। उसने कुछ नहीं कहा और रेत पर लिखा, आज मेरे सबसे अच्छे दोस्त ने मुझे थप्पड़ मारा। कुछ देर बाद उन्हें पानी की झील मिली। दोनों उसमें नहाने उतर गए। अचानक जिसने थप्पड़ खाया था, वहां पानी में डूबने लगा। उसे तुरंत उसके थप्पड़ मारने वाले मित्र ने जान पर खेलकर बचा लिया। इस पर पहले मित्र ने एक चट्टान पर लिखा - आज मेरे सबसे अच्छे मित्र ने मुझे डूबने से बचाया। दूसरे मित्र ने उसे थप्पड़ को रेत पर और बचाने को चट्टान पर लिखने का कारण पूछा।
मित्र ने जवाब दिया - जब कोई अपना हमें चोट पहुंचाए तो उसे रेत पर लिखना चाहिए ताकि वह तुरंत मिट जाए और जब कोई भला करे तो उसे चट्टान पर लिखना चाहिए ताकि वह मिट ना सके व हमेशा याद रहे।
इसलिए दोस्तों जिंदगी में जो भी आप पाना चाहते हैं, वही बांटिए। आज से प्रेम, सम्मान, श्रेय, क्षमा बांटना शुरू कीजिए देखिए आपकी लोकप्रियता का ग्राफ कितनी तेजी से बढ़ता है।



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